Monday, November 17, 2008

मैं चुप शान्त और अडोल खड़ी थीसिर्फ पास बहते समुन्द्र में तूफान था……फिर समुन्द्र को खुदा जानेक्या ख्याल आयाउसने तूफान की एक पोटली सी बांधीमेरे हाथों में थमाईऔर हंस कर कुछ दूर हो गयाहैरान थी….पर उसका चमत्कार ले लियापता था कि इस प्रकार की घटनाकभी सदियों में होती है…..लाखों ख्याल आयेमाथे में झिलमिलायेपर खड़ी रह गयी कि उसको उठा करअब अपने शहर में कैसे जाऊंगी?मेरे शहर की हर गली संकरीमेरे शहर की हर छत नीचीमेरे शहर की हर दीवार चुगलीसोचा कि अगर तू कहीं मिलेतो समुन्द्र की तरहइसे छाती पर रख करहम दो किनारों की तरह हंस सकते थेऔर नीची छतोंऔर संकरी गलियोंके शहर में बस सकते थे….पर सारी दोपहर तुझे ढूंढते बीतीऔर अपनी आग का मैंनेआप ही घूंट पियामैं अकेला किनाराकिनारे को गिरा दियाऔर जब दिन ढलने को थासमुन्द्र का तूफानसमुन्द्र को लौटा दिया….अब रात घिरने लगी तो तूं मिला हैतूं भी उदास, चुप, शान्त और अडोलमैं भी उदास, चुप, शान्त और अडोलसिर्फ- दूर बहते समुन्द्र में तूफान है…..

Saturday, November 15, 2008

gangully

hi i am here to share my thoughts
iam very upset
because gangully is retired
he is my favourite player

Tuesday, November 4, 2008

retirement of kumble


this is not right time for kumble to get retirement

Sunday, November 2, 2008

anil kumble


it is not right time for kumble toget retirement.

Firstly gangully and now kumble going off.

without them our team not play in properly way

Saturday, November 1, 2008

I think raj thakere jo bhi jkar rahe hai ,usse kafi nuksan ho rha hai .chunav aayog ko raj thakere kper ban laga dena chahiye .